आज मैं अपने बारे में कुछ न लिख कर किसी और मैटर पर लिखना चाहता हूँ। इस लिए सबसे पहले तो एक मैटर भी ऐसा होना चाहिय जिस पर मैं कुछ लिख भी सकू। पर उसके पहले मैं एक बात यहाँ लिखना चाहता हूँ की मैं कोई बहूत अच्छा राईटर नही हूँ इस लिए आप मुझ से किसी भी टोपिक पर बहूत स्टैण्डर्ड मैटर की उम्मीद मत रखियेगा पर थोड़ा बहूत अपने दिल की बात यहाँ लिख रहा हूँ।
यहाँ मैं अपने देश का जो आज हाल है उस पर ही दो चार बात लिखना चाहता हूँ। भारत एक कृषि प्रधान देश हैं और यहाँ की अधि से अधिक आबादी कृषि पर आश्रित है तो क्यूँ न कृषि को देश में इस ढंग से चलाये की हर किसी को इस से पुरा पुरा लाभ मिले। इसके लिए सबसे पहले तो हमें कृषि को छोटे छोटे प्लोट्स में से हटा कर एक बड़े प्लाट में करना पड़ेगा। जिस तरह कोई बड़ा प्लांट लगाने के लिए सरकार किसी जगह पर एक विशाल जमीन अपने अंडर में लेकर उसमे प्लांट लगाकर वहां के लोगों को काम देती है और अपने ढंग से विशाल स्टार पर प्रोडक्शन करती है। ठीक उसी तरह मैं कह रहा था किस भारत के गाँव में लोगों के जमीन को अपने अंडर में सरकार लेकर उसमे अपने ढंग से खेती करवाए। अगर सरकार ऐसा करवाएगी तो वो हर ज़रूरी आवश्यकता किस पूर्ति करेगी क्यूंकि सरकार को उतनी आर्थिक प्रॉब्लम नही होगी जितनी की इस देश के गरीब किसानो को रहती है।
यहाँ मैं अपने देश का जो आज हाल है उस पर ही दो चार बात लिखना चाहता हूँ। भारत एक कृषि प्रधान देश हैं और यहाँ की अधि से अधिक आबादी कृषि पर आश्रित है तो क्यूँ न कृषि को देश में इस ढंग से चलाये की हर किसी को इस से पुरा पुरा लाभ मिले। इसके लिए सबसे पहले तो हमें कृषि को छोटे छोटे प्लोट्स में से हटा कर एक बड़े प्लाट में करना पड़ेगा। जिस तरह कोई बड़ा प्लांट लगाने के लिए सरकार किसी जगह पर एक विशाल जमीन अपने अंडर में लेकर उसमे प्लांट लगाकर वहां के लोगों को काम देती है और अपने ढंग से विशाल स्टार पर प्रोडक्शन करती है। ठीक उसी तरह मैं कह रहा था किस भारत के गाँव में लोगों के जमीन को अपने अंडर में सरकार लेकर उसमे अपने ढंग से खेती करवाए। अगर सरकार ऐसा करवाएगी तो वो हर ज़रूरी आवश्यकता किस पूर्ति करेगी क्यूंकि सरकार को उतनी आर्थिक प्रॉब्लम नही होगी जितनी की इस देश के गरीब किसानो को रहती है।
सरकार जब अपने ढंग से कृषि को करवाएगी तो हर तरह के कर्मचारियों को रखने की जरूरत होगी अर्थात ओफ्फिसर्स ग्रेड से लेबर ग्रेड तक हर तरह के कर्मचारियों को लेना पड़ेगा। ऐसा करने से सबसे पहले तो देश की बेरोज़गारी बहूत कम होगी। हाँ लेकिन काम ईमानदारी से होना चाहिए। पुरे देश में आप ख़ुद सोच काम काम हम काम हम बड़े पैमाने पर करेंगे तो आप ख़ुद सोच सकते हैं की कितने लोग इससे लाभान्वित होंगे। यह मैं मानता हूँ की एक ही बार में पुरे देश में इस काम को शुरू कर पाना कठिन हैं पर किसी एक राज्य से ही , जहाँ सरकार को लगे की इस राज्य में इसकी ज्यादा जरूरत है वहीँ से इस काम को शुर कर के देखे की कैसा रिजल्ट मिलता हैं उसके बाद फिर आगे किसी दुसरे राज्य में इसे अपनाया जाएगा।
बस अभी तो मैं इतना ही कहना चाहूँगा अगर आप में से कोई इस प्लान को पढ़े और आपको भी यह प्लान बता है तो कोई सोर्स ऐसा हो जिससे आप इसे उपर तक पंहुचा सकते हो तो कोसिस कीजिये की यह प्लान उपर tak jaye aur is par s

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